🌺 Durga Puja / Navratri 2025 – Day 1 to Day 10 (पूर्ण विधि व नियम) 🌺
Note: समय शहर के अनुसार कुछ मिनट बदल सकता है—स्थानीय पंचांग/पंडित से पुष्टि करें. यह गृह-पूजा हेतु सरल मार्गदर्शिका है.
🏠 दुर्गा पूजा गृह-मंदिर
🪔 Day 1 – कलश स्थापना (Ghatasthapana) – पूर्ण विधि
कलश-स्थापना (प्रतीकात्मक चित्र)
- स्थान/दिशा: ईशान/उत्तर-पूर्व दिशा साफ करें। चौकी/पाट पर लाल या गुलाबी कपड़ा बिछाएँ; माँ की तस्वीर/प्रतिमा रखें।
- शुद्धि: गंगा-जल/स्वच्छ जल से छिड़काव…
📅 Day-wise पूजा-मार्गदर्शिका (1 से 10)
Day 1 – देवी शैलपुत्री
Day 2 – देवी ब्रह्मचारिणी
Day 3 – देवी चंद्रघंटा
Day 4 – देवी कूष्माण्डा
Day 5 – देवी स्कन्दमाता
Day 6 – देवी कात्यायनी
Day 7 – देवी कालरात्रि
Day 8 – देवी महागौरी
Day 9 – देवी सिद्धिदात्री
Day 10 – विजया दशमी
श्रद्धालु पूजा करते हुए
आरती की थाली – दीया व पुष्प
🌺 Durga Puja / Navratri 2025 – Day 1 to Day 10 (पूर्ण विधि व नियम) 🌺
Note: समय शहर के अनुसार कुछ मिनट बदल सकता है—स्थानीय पंचांग/पंडित से पुष्टि करें. यह गृह-पूजा हेतु सरल मार्गदर्शिका है.
नवरात्रि 2025 संभावित अवधि (IST):
22 सितम्बर (Day 1) से 2 अक्टूबर (Day 10 – विजया दशमी)
👉 बंगाल परंपरा में मुख्य दुर्गा पूजा शष्ठी–दशमी के बीच होती है; गृह-स्तर पर Day 1 से साधना/व्रत रखे जाते हैं.
🪔 Day 1 – कलश स्थापना (Ghatasthapana) – पूर्ण विधि
- स्थान/दिशा: ईशान/उत्तर-पूर्व दिशा साफ करें। चौकी/पाट पर लाल या गुलाबी कपड़ा बिछाएँ; माँ की तस्वीर/प्रतिमा रखें।
- शुद्धि: गंगा-जल/स्वच्छ जल से छिड़काव, हाथ में जल लेकर “शुद्धि-संकल्प” लें—घर/परिवार की मंगल कामना हेतु नवरात्रि व्रत/पूजा का संकल्प।
- कलश तैयारी: मिट्टी/तांबे/पीतल का कलश लें; उसमें स्वच्छ जल, थोड़े चावल/सुपारी/इलायची/लौंग, पंचरत्न/सिक्का (संकेतात्मक) रखें; कलश गर्दन पर स्वस्तिक/रोली लगाएँ।
- आम पत्ते व नारियल: 5/7 आम पत्ते कलश के मुख पर रखें। नारियल पर लाल वस्त्र/मौली बाँधें, थोड़ा रोली-चावल लगाकर कलश पर स्थापित करें।
- जौ/गेहूँ बोआई: चौकी/मृदाशय में स्वच्छ मिट्टी डालकर जौ/गेहूँ बोएँ, हल्का जल दें (नवरात्रि भर हल्का सिंचन करें)।
- दीप/धूप/नैवेद्य: अखण्ड दीप (घी/तिल तेल) प्रज्वलित करें; धूप, चंदन, रोली-अक्षत, पुष्प, फल/मिष्ठान अर्पित करें।
- आवाहन/प्रार्थना: माँ दुर्गा का आवाहन—“ॐ दुं दुर्गायै नमः” जप 108 बार (संभव हो तो)। आरती करें।
- पहले दिन की देवी: माता शैलपुत्री—गुलाबी/लाल फूल अर्पित करें; चन्दन/केसर का तिलक, गुड़/घी का नैवेद्य शुभ माना जाता है।
- व्रत/नियम: सात्त्विक आहार, लहसुन-प्याज़ वर्जित; ब्रह्मचर्य/सत्य-अहिंसा का पालन; प्रतिदिन आरती-पुष्पांजलि।
- अखण्ड दीप: यदि रखा है तो सावधानी—हवादार/बच्चों-पालतू से दूर; तेल/घी की व्यवस्था रखें; रात में भी आरती या मनोमालिन्य न रखें।
🔖 पूजा-सामग्री (संक्षेप):
- चौकी, लाल/गुलाबी कपड़ा, माँ की प्रतिमा/चित्र
- कलश, नारियल, 5/7 आम पत्ते, मौली
- गंगा-जल/स्वच्छ जल, चावल, सुपारी, सिक्का
- रोली, हल्दी, कुंकुम, चंदन, अक्षत
- जौ/गेहूँ, स्वच्छ मिट्टी/मृदाशय
- घी/तिल तेल का दीपक, रूई, धूप/अगरबत्ती
- पुष्प/माला, फल-मिष्ठान, नैवेद्य
- घंटी, शंख, आरती-थाली
📅 Day-wise पूजा-मार्गदर्शिका (1 से 10)
Day 1 – देवी शैलपुत्री
- व्रत/नियम: सात्त्विक उपवास; सूर्योदय से पूर्व स्नान, साफ गुलाबी/लाल वस्त्र।
- जप/पुष्प: “ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः”; गुलाबी/लाल पुष्प अर्पित करें।
- भोग: घी-शर्करा/खीर अर्पित करें; परिवार की आरोग्यता का संकल्प।
Day 2 – देवी ब्रह्मचारिणी
- नियम: संयम/साधना; अधिकतम सरलता—फल/दूध/सात्त्विक भोजन।
- जप: “ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः”
- भोग: शक्कर और हलुवा/पंचमेवा; तप/धैर्य की कामना।
Day 3 – देवी चंद्रघंटा
- नियम: भय-निवारण/संरक्षा हेतु प्रार्थना; मन-वाणी पर संयम।
- जप: “ॐ देवी चंद्रघण्टायै नमः”
- भोग: दूध/खीर/मलाई-मीठा; घर-परिवार में शांति की प्रार्थना।
Day 4 – देवी कूष्माण्डा
- नियम: अन्न/दाल का सात्त्विक भोग; ऊर्जा/आरोग्य की कामना।
- जप: “ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः”
- भोग: कद्दू/मिठाई/मालपुए; उत्साह-उल्लास हेतु।
Day 5 – देवी स्कन्दमाता
- नियम: बाल-सुख/मातृत्व-सुरक्षा की प्रार्थना; सौम्यता।
- जप: “ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः”
- भोग: केले/मेवा/मिश्री; घर के बच्चों के कल्याण का संकल्प।
Day 6 – देवी कात्यायनी
- नियम: साहस/न्याय/शौर्य; अवगुण/क्रोध से दूरी।
- जप: “ॐ देवी कात्यायन्यै नमः”
- भोग: मिश्री/शहद/पनीर; वरण/विवाह-सौभाग्य की कामना प्रचलित।
Day 7 – देवी कालरात्रि
- नियम: निडरता/नकारात्मकता से रक्षा की प्रार्थना; तामसिक प्रवृत्तियों से दूर।
- जप: “ॐ देवी कालरात्र्यै नमः”
- भोग: गुड़/काले चने/नारियल; बाधा-निवारण हेतु।
Day 8 – देवी महागौरी (महाअष्टमी)
- नियम: कन्या-पूजन/कुमारी-पूजन (सम्भव हो तो); पवित्रता/शुभता की साधना।
- जप: “ॐ देवी महागौर्यै नमः”
- भोग: हलुवा-पूरी/चना; संधि-पूजन पर दीप/नैवेद्य बढ़ाएँ।
Day 9 – देवी सिद्धिदात्री
- नियम: सिद्धि-बुद्धि/कुशलता की साधना; जप-ध्यान अधिक।
- जप: “ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः”
- भोग: खीर/मेवा; परोपकार/दान का संकल्प।
Day 10 – विजया दशमी
- नियम: प्रतीकात्मक/स्थापित कलश-विसर्जन (गृह-स्तर पर जल के पात्र/कुंड में); माँ को विदाई, आशीर्वाद ग्रहण।
- क्रिया: आरती/भोग, विजय-तिलक, बड़ों का आशीर्वाद, अपराजिता पूजन (संभव हो तो)।
- संपालन: जौ/अंकुरित कोंपलों का शुभ-स्पर्श; घर-द्वार पर हल्का गंगाजल छिड़काव।
📿 साधारण मंत्र/आरती व समय-मार्गदर्शन
- दैनिक जप: “ॐ दुं दुर्गायै नमः” (108/51/21 बार सुविधानुसार)
- आरती: प्रातः/संध्या—दीप/धूप, पुष्प/अक्षत/नैवेद्य के साथ।
- पाठ (वैकल्पिक): दुर्गा चालीसा/अर्गला स्तोत्र/कवच/सूक्त—समय अनुसार।
- व्रत-भंग: रोगी/गर्भवती/वृद्ध—फलाहार/सात्त्विक आहार लें; स्वास्थ्य प्राथमिकता।
✔ करें (Do):
- सात्त्विकता, स्वच्छता, ब्रह्मचर्य, संयम
- बड़ों का सम्मान, दान-पुण्य, पशु-पक्षियों को दाना/जल
- अखण्ड दीप रखें तो सुरक्षा-सावधानी
✖ न करें (Don’t):
- मादक पदार्थ/धूम्रपान/अशिष्ट भाषा
- लहसुन-प्याज़/अंडा/मांस (व्रती हेतु)
- विवाद/नकारात्मक बोल/अनुशासन-भंग
🍥 Day–Devi–Bhog (क्विक रेफरेंस)
| Day | देवी | जप/मंत्र (लघु) | भोग/प्रसाद (उदाहरण) |
|---|---|---|---|
| 1 | शैलपुत्री | ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः | घी/खीर |
| 2 | ब्रह्मचारिणी | ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः | शक्कर/फल |
| 3 | चंद्रघंटा | ॐ देवी चंद्रघण्टायै नमः | दूध/मलाई मिठाई |
| 4 | कूष्माण्डा | ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः | कद्दू/मालपुआ |
| 5 | स्कन्दमाता | ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः | केला/मेवा |
| 6 | कात्यायनी | ॐ देवी कात्यायन्यै नमः | मिश्री/शहद/पनीर |
| 7 | कालरात्रि | ॐ देवी कालरात्र्यै नमः | गुड़/काला चना/नारियल |
| 8 | महागौरी | ॐ देवी महागौर्यै नमः | हलुवा-पूरी/चना |
| 9 | सिद्धिदात्री | ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः | खीर/मेवा |
| 10 | विजया दशमी | आरती/प्रार्थना/विजय तिलक | माँ को विदाई-भोग |
📌 संकेत: यह गृह-पूजा हेतु सरल/व्यावहारिक मार्गदर्शिका है. स्थानीय परंपरा/पंचांगानुसार भोग/विधि में परिवर्तन स्वीकार्य है.
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